यही फर्क है कांग्रेस और
बीजेपी में। कांग्रेस सरकार 10 साल तक राम रहीम वाले मुद्दे को दबा कर बैठी रही। अदालत
से तारीख र तारीख लेती रही। मुद्दा खत्म नहीं किया ताकि डेरा समर्थक नाराज ना हो
जाए वोट बैंक बना रहे। बस मुद्दा सरकाते रहो हल मत होने दो। जबकि बीजेपी ने मुदा
खत्म ही करवा दिया। डेरा समर्थको के वोट मिले या ना मिले कम से काम एक मुद्दा तो
खत्म हो। कांग्रेस समस्या को टालते रहने में यकीन करती है और बीजेपी समस्या को
खत्म करने में। जो लोग ये दावा करते थे की हरियाणा में बीजेपी की जीत डेरा प्रमुख
के कारण हुई है। वो भी देख ले। अगर बीजेपी और डेरा में कोई समझौता हुआ होता तो आड़
डेरा प्रमुख बरी हो जाता। आप ये भी नहीं बोल सकते की फैसला अदालत ने किया है। अदालते
आजाद है उन पर सरकार का कोई दबाव काम नहीं करता आदि क्यों की चोटाला की सजा के
वक़्त आप ही लोग शोर मचा रहे थे की अदालत को जज को सरकार ने(बीजेपी) ने खरीद लिया। लालू,
असीमानंद, पुराहित के वक़्त भी यही शोर मचा था की सरकार बीजेपी की है। जज पर दवाब
था। अदालत को खरीद लिया था आदि-आदि। अब एक बात तो साफ़ है की सोनिया-राहुल भी जेल
जाएँगे। अहमद बुखारी का नंबर भी आने वाला है। सब तैयार रहना। बीजेपी सरकार मुद्दों
को जड़ से ख़त्म करती है। सरकाती नहीं है।
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