आप किसी भी धर्म के अनुयाई
हो। अपने धर्म ग्रंथ में लिखित इतिहास पढ़े। फिर भारत की शिक्षा प्रणाली द्वारा
संचालित इतिहासकारों की पाठ्य पुस्तक पढ़े। उलझ जाओगे। दुविधा में पड़ जाओगे की क्या
सच है और क्या झूठ। तो सोचे की आप के बच्चो की मानसिकता पर क्या असर होंगा इस उलझन
का? पाठ्य पुस्तक में कुछ और लिखा है और धर्म पुस्तक में कुछ और? परिजन इस इतिहास
को सच मानते है और अध्यापक उस पुस्तक को?तो सच क्या है ? एक उदाहरण प्रस्तुत करता
है।
पाठ्य पुस्तक में वर्णन है
की भगवान महावीर ने जैन धर्म की स्थापना की। परन्तु जैन धर्म ग्रंथो में अनुसार तो
वो 24 तीर्थकर थे। स्थापना को ऋषभ देव ने की थी।
पाठ्य पुस्तक के अनुसार
इस्लाम की स्थापना पैगम्बर हज़रत मुहम्मद ने की थी। परन्तु क़ुरान के अनुसार हज़रत
इब्राहिम(अलैहि) ने की थी। हज़रत आदम(अलैहि) से लेकर हज़रत मुहम्मद(सल्ल) तक हजारों
वर्षों में कई पैगम्बर हुए। इनके अनुसार,
हज़रत मुहम्मद(सल्ल) इस्लाम के संस्थापक नहीं थे, बल्कि आह्वाहक(ईश्वर का
संदेश फैलाने वाले एक पैगम्बर) थे।
इस प्रकार के हजारों सवाल,
भ्रम शामिल किए है मैंने अपनी किताब “इतिहास और मिलावट” में जिनका कोई जवाब नहीं
है पाठ्य पुस्तकों में। पूरी तरह से भ्रमपूर्ण, विरोधाभासी, तथ्यहीन और तर्कहीन
बातों का विस्तार से वर्णन किया गया है, साथ ही साथ इन सब सवालों के जवाब भी दिए
गए है। मेरी पुस्तक “इतिहास और मिलावट” स्कूली बच्चों को जरुर पढ़ानी चाहिए।
पुस्तक का मूल्य 100 रूपये
है। शिपिंग चार्ज(कूरियर शुल्क) अलग से लगेगा। 100 रूपये आप को अग्रिम भेजने होंगे। साथ ही अपना पूरा पता पिनकोड के साथ। पुस्तक भेजने
के बाद मैं आप को उसकी रसीद (airway bilti) दे दूंगा। आप paytm से मुझे पैसे भेज
सकते है और whatsapp facebook के जरिये अपना पता भेज सकते है। पुस्तक भेजने की
रसीद भी मैं इस ही माध्यम से आप को दे दूंगा और तब आप रसीद के अनुसार बाकि पैसो का
भुगतान कर सकते है। मेरा नंबर है +91- 9729295413
ebook(सॉफ्ट कॉपी) की क़ीमत है Rs. 30/- ‘आत्मा’ के लिए और
Rs. 50/- ‘इतिहास और मिलावट’ के लिए। छपी हुई (हार्ड कॉपी) लेने के लिए Rs. 80/-
‘आत्मा’ के लिए और Rs. 100/- ‘इतिहास और मिलावट’ के लिए। शिपिंग चार्ज(कूरियर
शुल्क) अलग से लगेगा।
Nitin Sharma
Contact: - +91-9729295413
Email id: - sumetjain3@gmail.com

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