बेवजह है डिग्री विवाद
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल
जिस तरह से आज कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पढाई और योग्यता जानने के लिए काम
कर रहे है , उस से एक बात तो साफ़ है की केजरीवाल का एक मात्र काम मोदी को परेशान
करना और बेकार की बातों में उलझा कर रखना है .पहले वो मोदी की उच्च शिक्षा जानना
चाहते थे , जब उन्हें बता दिया गया की वो मास्टर डिग्री है तो उनकी स्नातक डिग्री
के पीछे पड गए यहाँ तक की दिल्ली विश्वविद्यालय में कुल पति से बात कर ली , और उन्के
आश्वासन के बाद खुद उनके पास चले गए की वो मोदी की डिग्री सार्वजनिक करें , उस पर
बहाना ये की जनता जानना चाहती है . केजरीवाल को किसने बताया की जनता जानना चाहती
है ? जनता ये भी जानना चाहती है की आप की योग्यता क्या है , आप अपने आप को आयकर
विभाग का कमिश्नर बताते है जबकि आयकर विभाग कह रहा है की आप क्लर्क थे , कौन झूठ
बोल रहा है ? वैसे भी केजरीवाल कितना झूठ बोलते है ये बात अब बताने लायक नहीं रही ,
फिर भी बेशर्मी है की जाती नहीं .आज तक कितने प्रधानमंत्रियों की डिग्रियाँ सार्वजनिक
की गई है , नेहरू की योग्यता क्या था ? शास्त्री, इंदिरा, राजीब, सोनिया, नरसिंहा राव,
गुजराल और देव गोडा की डिग्रियाँ और योग्यता की जानकारी है केजरीवाल के पास ? है
तो पहले उसको सार्वजनिक करें .
अरे हां केजरीवाल के पास तो हमेशा वो
साबुत होते है जो किसी को दिखाए नहीं जाते . अदालत में भी वो सबूत पेश नहीं करते
फिर भले ही माफ़ी मांगनी पड़े या जमानत लेनी पड़े .
यक़ीनन केजरीवाल मूर्खो की वजह से ही राजनीति
मैं है. पर वो ये न भूले की जनता एक बार मुर्ख बन सकती है बार-बार नहीं . और आप के
पीछे तो गाँधी नाम भी नहीं लगा हुआ है
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